Published On: Thu, Feb 26th, 2015

एनजीओः सेवा या साज़िश, पूर्व रॉ अधिकारी आरएसएन सिंह ने किया ख़ुलासा

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नई दिल्ली। पिछले दस सालों में विदेशी फंडिंग वाले एनजीओ की संख्या देश में लगातार बढ़ रहा है। अमेरिका-यूरोप में भारी आर्थिक तंगी के बावजूद इन देशों से भारत के एनजीओ अंधाधुन फंडिंग किया जा रहा है। कोई देश आखिर इतना भारी फंडिंग क्यों कर रहा है? इसमें उन देशों की कोई तो मकसद होगा। क्या एनजीओ के माध्यम से सेवा के नाम पर भारत को अस्थिर करने की साजिश रची जा रही है? इस गंभीर विषय पर पूर्व रॉ अधिकारी और सुरक्षा सलाहकार आर एस एन सिंह ने रिपब्लिक हिन्द के संपादक रमण भारती से विशेष बातचीत की है। देखिए… वीडियो।

पूर्व रॉ अधिकारी आरएसएन सिंह ने बताया कि हमारे देश में साल 1993-94 में विदेशी फंडिंग वाले कुल 15 हजार पंजीकृत एनजीओ थे। जो बढ़कर 2012-13 में 41-42 हजार हो गये। वहीं, 1993-94 में इन एनजीओ को 1800 करोड़ रुपये सलाना विदेशों में फंडिंग होते थे, वह आज करीब 11 हजार करोड़ रुपये हो गये हैं। आरएसएन सिंह ने कहा कि क्या वजह है कि विदेशी फंडिंग वाले एनजीओ में इतना बढ़ोत्तरी हो रहा है।

सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि देश के केवल 56 फिसदी एनजीओ ही अपना ऑडिट करवाती है। उन्होंने कहा कि इन एनजीओ के टॉप डोनर हैं अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस। उन्होंने कहा, ‘पिछले कुछ सालों में देखा गया है कि इन टॉप डोनरों की सहभागिता इन एनजीओ के साथ कम हुआ है, वहीं फंडिंग करने वाले अन्य देशों की सहभागिता बढ़ गया है।’ सिंह ने कहा, ‘इसका मतलब यह है कि इन टॉप डोनरों को महसूस हो गया है कि हम भारत के स्कैनर में आ गये हैं। इसलिए वो दूसरों रास्तों से अब भारत में फंडिंग कर रहे हैं।’

पूर्व रॉ अधिकारी ने कहा कि जर्मनी को छोड़कर पूरा यूरोप आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। ऐसे में वहां से इतना पैसा भारतीय एनजीओ को कैसे आ रहा है। सिंह ने कहा, यह जाँच का विषय है कि कोई देश आर्थिक तंगी के बावजूद किसी दूसरे देश के एनजीओ को इतना भारी रकम क्यों फंडिंग कर रहा है। उन्होंने कहा कि फंडिंग करने वाले देशों का कोई तो उद्देश्य होगा?

पूर्व रॉ अधिकारी आर एस एन सिंह ने कहा, “ये विदेशी फंडिंग वाले एनजीओ देश में सेवा कर रही हैं या साज़िश?” सिंह ने एनजीओ से जुड़ी कई चौंकाने वाले खुलासे किये हैं। एनजीओ की पूरी सच्चाई जानने के लिए देखें वीडियो

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Displaying 2 Comments
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  1. Anil Kumar Srivastava says:

    Nishchit Roop Iss Prakaran ki C.B.I. Se tvarit Jaanch karaai jaani chaahiye…..Aur Yadi Inn N.G.O.’s ke dwaara Videshi Funds ka Upayog Rashtrahit ke Viruddha kiyaa gayaa hai tto Inn par ” RASHTRA DROH ” ki Dhaaraaon ke Antargat Vaidhaanik kaaryavaahi ki jaani Chaahiye.

  2. ॐ,जी,NGO’s एक लुटिंग-फैक्ट्री बन कर रह गये है ,जो देश ही नही बिदेश से भारी-भारी फंड्स लेकर देश में अब्याबस्था /बिखंडन/दुर्दशा करना चाहते है ,इनकी सीबीआई की जाच कराकर बिलकुल तुरंत बंद करा देना ही देश हित में होगा !
    वन्देमातरम ,जय हिन्द!

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