Published On: Wed, Jun 3rd, 2015

धनुर्वेदः वैदिक कालीन भारतीय युद्धकला

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चार वेदों के चार उपवेद हैं। ऋग्वेद का आयुर्वेद, यजुर्वेद का उपवेद धनुर्वेद, सामवेद का उपवेद गंधर्ववेद और अथर्ववेद का उपवेद शिल्पशास्त्र है। धनुर्वेद में सभी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र, उसके निर्माण की विधि, उसे उपयोग करने की विधि, जिसे गुरुकुलों में आचार्य शिष्यों को सीखाते थे। वे सारी विद्याएं धनुर्वेद में है।

धनुर्वेद में युद्ध में व्यूह रचना की शिक्षा दी जाती है, जैसे कि सेना को कैसे खड़ा करना है, कैसे आक्रमण करना है। युद्ध में चतुर्रंगणी सेना होती थी। हाथी, घोड़े, पैदल सेना, रथ होते थे। यहां तक कि राजकाज कैसे चलानी है, ये सारी शिक्षा धनुर्वेद में दी जाती है।

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