Published On: Sat, May 14th, 2016

‘साइकल चोर’ थे नीतीश के विधायक बिन्दी यादव

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पटना। गाड़ी ओवर टेक करने पर गोली चालाने वाले रॉकी यादव मामूली आपराधी हैं। उनके पिता बिंदेश्वरी प्रसाद यादव उर्फ बिन्दी यादव जदयू के विधायक बनने से पहले गया के एक सड़क छाप साइकल चोर थे। गया के स्थानीय लोग बताते हैं कि 1980 तक बिन्दी यादव एक मामूली अपराधी था।

RH-Bindi Yadav Nitish Kumarजानकारों के अनुसार साइकल चोरी के जुर्म बिन्दी जेल गया। उसे वहाँ बिहार आपराधिक साम्राज्य के कई और नामचीन अपराधियों से मुलाकता हुई। उनके साथ बिन्दी के सपने बड़े होने लगे और जेल में छूटने के बाद 1990 में बच्चू नाम के दूसरे अपराधी के साथ काम करने लगा। 3 साल तक दोनों ने कई आपराधिक गतिविधियाँ की और दोनों बिन्दिया-बचुआ के नाम से प्रसिद्ध हो गए। इसके बाद इन अपराधियों के लिए राजनीति की दुनिया का दरवाजा खुल गया।

इसे भारतीय राजनीति का समाशास्त्र कहें या अपराधशास्त्र। लेकिन यहाँ चलता ऐसे ही है। राजनीति में कदम रखने के लिए योग्यता के नाम पर सिर्फ प्रसिद्धि की जरूरत होती है, फिर वह चाहे किसी भी क्षेत्र का हो। साइकल चोरी से खूनखार अपराधी बने बिन्दी यादव ने जब राजनीति में कदम रखने का विचार किया तो वह दौर लालू यादव का था। जो उसे सत्ता के बड़े मुकाम पर पहुँचने के अनूकुल था।

बिहार के मगही भाषा क्षेत्र में उस समय सुरेन्द्र यादव, राजेन्द्र यादव और महेश्वर यादव जैसे आपराधियों की अधिक चर्चा थी। धीरे-धीरे बिन्दी और बच्चू भी चर्चित होने लगे।

गया के डीएम और एसपी ने जब बिन्दी और बच्चू पर सख्त रवैया अपनाया तो बिन्दी ने 1990 की शुरूआत में लालू प्रसाद यादव की पार्टी राजद की सदस्यता ले ली। 2001 में बिन्दी गया डिस्ट्रिक बोर्ड के चेयरमैन चुने गए और वह इस पद पर 2006 तक रहे। 2005 में बिन्दी ने गया(ग्रामीण) से इंडिपेंडेंट प्रत्याशी के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। 2010 में गुरुआ से राजद के टिकट पर बिन्दी ने दोबार विधानसभा चुनाव लड़ा और वह फिर हार गए। बिन्दी ने ऐफिडेविट में खुलासा किया था कि उन पर 18 आपराधिक मामले हैं।

बिन्दी ने 2010 में लालू की राजद छोड़कर नीतीश की जदयू का दामन थाम लिया। 2011 में बिन्दी को एके-47 राइफल और चार हजार कारतूस रखने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया था। इस घटना के बाद साइकल चोर से कुख्यात अपराधी बना बिन्दी ने राजनीतिक नजदीकियों का फायदा उठाकर सरकारी ठेके लेने शुरू कर दिए।

जदयू में शामिल होने के बाद से बिन्दी यादव के पास गया, बोधगया, दिल्ली में मॉल, होटल और 15 पेट्रॉल पम्प हैं। उनके बिजनस का पैसा रोड, कंस्ट्रक्शन और शराब के धंधों में लगा हुआ है। देश का कोई भी व्यक्ति इतना पैसा मेहनत और ईमानदारी से नहीं कमा सकता है। इतना इसी लूट की कमाई के बदौलत बिन्दी का बेटा रॉकी यादव डेढ़ करोड़ रुपये की एसयूवी और इटैलियन मेड .32 बोर की पिस्टल रखता है।

साल 2015 में बिन्दी ने अपनी पत्नी को जदयू सदस्य के रूप में बिहार विधान परिषद की सदस्यता दिलवाई थी। बिन्दी की बीबी आज फरार है, लेकिन पॉलिटिक्स की पावर आज भी उसके साथ है। नीतीश हों या लालू कोई उसका ज्यादा कुछ नहीं बिगाड़ सकते हैं, क्योंकि दोनों इसके पैसे खा रखे हैं।

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