Published On: Thu, Apr 5th, 2018

पहले से अधिक चाकचौबंद होगा मानवाधिकार आयोग

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में संशोधित मानवाधिकार एक्ट पास कर दिया है। अब राष्ट्रीय व राज्य मानवाधिकार आयोगों के अध्यक्षों के चयन का पैमाना पहले से ज्यादा चाकचौबंद कर दिया गया है। संशोधित बिल की खास बात है कि इसमें बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय आयोग बनाने की बात है। साथ ही मानवाधिकार आयोग में महिला सदस्य की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई है।

आयोग के चेयरमैन का कार्यकाल भी दूसरे आयोगों की तरह से रहेगा। संशोधित बिल में केंद्र शासित प्रदेशों में हो रहीं मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाओं पर लगाम कसने की व्यवस्था की गई है। सरकार का कहना है कि संशोधित बिल से देश में मानवाधिकारों की सुरक्षा का काम ज्यादा बेहतरीन तरीके से हो सकेगा। राष्ट्र की तरक्की के लिए बेहद जरूरी है कि मानवाधिकारों की रक्षा की जाए। इसके लिए बिल में संशोधन करना जरूरी था और कैबिनेट ने बुधवार को इसे पास करके ऐतिहासिक फैसला लिया है। इसके जरिए व्यक्ति विशेष को जीवन, स्वतंत्रता, समानता के अधिकार देने सुनिश्चित किए जा सकेंगे। पीएम खुद इस बिल को लेकर बहुत ज्यादा संजीदा थे।

कैबिनेट ने असम में बन रहे नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (एनआरसी) के लिए 1220.93 करोड़ के संशोधित खर्च अनुमान को मंजूरी दी है। एनआरसी असम 1951 की योजना में 3.29 करोड़ आवेदक शामिल हैं।

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