Published On: Mon, Apr 16th, 2018

चीनी घुसपैठ को रोकने के लिए भारत ने तैनात किए 100 से अधिक टैंक

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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र में चीनी सेना की घुसपैठ कोई नई बात नहीं है। सैकड़ों किलोमीटर तक फैली इस सीमा पर अभी तक चीन और भारत के बीच में कोई निशानदेही नहीं हुई है। लेकिन चीन की चाल और नियत किसी से छुपी नहीं है। जो धीरे- धीरे भारत के इलाके में घुस कर उस पर कब्जा जमा रहा है। 2013 में लद्दाख के चुमार इलाके में कई दिनों तक रहने वाली चीनी सेना वापस तो चली गई, लेकिन उस की नापाक साज़िश अभी भी जारी है।

बता दें कि जम्मू- कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र में चीनी सेना की घुसपैठ के मामले ज़्यादातर गर्मी के मौसम में सामने आते थे। लेकिन इस साल चीन की सेना ने सर्दी के मौसम में भी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल ( एलएसी) पर भारतीय इलाके में घुसने की नपाक साज़िश को अंजाम दिया है। फिलहाल लद्दाख में चीन से लगने वाली सीमा पर बर्फ जमी हुई है। लेकिन इसके बावजूद एलएसी पर चीनी सेना की गतिविधियां बढ़ चुकी हैं। वहीं भारतीय सेना ने भी अपनी तैयारियों में तेजी ला रही है। लद्दाख में एलएसी पर चीनी फौज के जमावड़े को देखते हुए भारतीय सेना ने सीमा पर टैंकों को भी तैनात किया है।

चीन की तरफ से लद्दाख में चीनी सेना की बड़ी गतिविधियों के बाद 2016 में ही भारतीय सेना ने एलएसी पर टी 72 टैंक पहुंचाई थे। उस समय ऐसे 100 टैंक यहां लाए गए थे। लेकिन अब सेना चीन से लगने वाली सीमा पर ऐसे टैंकों की तादाद बड़ा सकती है। दरअसल चीनी सेना लगातार तिब्बत के इलाके में टैंकों का जाल बिछा रही है और बड़े पैमाने पर युद्ध अभ्यास में जुटी है। उस बीच भारतीय सेना भी लद्दाख में सैना ताकत बढ़ाने में लगी है।

इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) की तरफ से गृह मंत्रालय को सौंपी गई एक रिपोर्ट के अनुसार, इस साल 27 फरवरी, 6 मार्च और 9 मार्च को चीनी सेना ने 17 हजार फीट की ऊंचाई पर पेंगोंग झील से सटे इलाके के पास घुसपैठ की। करीब भारत के भीतर 6 किलोमीटर तक चीनी सेना की गाड़ियां आई। आईटीबीपी की तरफ से किए गए विरोध के बाद चीनी सेना वापस अपने इलाके में चली गई।

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