Published On: Sun, Apr 22nd, 2018

डीआरडीओ ने बनाई 300 एंटी-टैंक मिसाइलें, जल्द होगी सेना में शामिल

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नई दिल्ली। रक्षा क्षेत्र में भारत के वैज्ञानिकों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। डीआरडीओ ने एक विशेष योजना के तहत 300 नाग एंटी-टैंक मिसाइलें बनाई गई हैं। ये जमीन से हमला करने वाली नाग एंटी-टैंक मिसाइल का वर्जन हैं, जिनको जल्द ही भारतीय सेना में शामिल किया जाएगा। इससे भारतीय सेना की दुश्मन के बख्तरबंद बल से मुकाबला करने की क्षमता में काफी इजाफा होगा।

भारतीय सेना को नाग एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलों और लॉन्च व्हीकल का लंबे समय से इंतजार है। नाग एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम उन पांच मिसाइल सिस्टम में से एक है, जिनको भारतीय रक्षा अनुसंधान संगठन ने 1980 के दशक में विकसित करने की योजना बनाई थी। हालांकि कुछ कारणों से यह लटकता चला गया।

सरकार के सूत्रों ने बताया कि रक्षा मंत्रालय की उच्च स्तरीय बैठक में 300 नाग मिसाइलों और 25 नाग मिसाइल कैरियर्स व्हीकल को भारतीय सेना में शामिल करने के लिए अधिग्रहण करने के प्रस्ताव पर विचार करेगा। इनकी कुल कीमत करीब पांच सौ करोड़ रुपये बताई जा रही है।

नाग मिसाइलों को NAMICA से लॉन्च किया जाता है। NAMICA व्हीकल से एक समय में छह मिसाइलों को ले जाया जा सकता है। ये नाग मिसाइलें सात से आठ किलोमीटर की दूरी पर दुश्मन के टैंक और इनफ्रैंट्री कॉम्बैट व्हीकल को तबाह कर सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक सेना को ऐसी करीब 3,000 मिसाइलों की जरूरत है। हालांकि सेना इन नाग मिसाइलों का फिर से परीक्षण करेगी। अगर सेना परीक्षण के बाद संतुष्ट होती है, तो इन मिसाइलों के और ऑर्डर देगी। नाग मिसाइल डीआरडीओ का ऐसा दूसरा प्रोजेक्ट है, जो लंबे समय से लंबित था। इससे पहले तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट को एयरफोर्स में शामिल किया जा चुका है।

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